चिट्ठा-ए-डिप्पी

मेरे विचार, मेरी राय

Name: डिप्पी
Location: Michigan, United States

जयपुर मैं पैदा हुआ, वहीं पढ़ा, फिर बेंग्लौर मैं पढ़ा, फिर यहाँ अमरीका आ के पढ़ा, और अब तक पढ़ ही रहा हूँ :( फ़िर भी दौड़ती हुई इस ज़िन्दगी से थोडा़ थोडा़ वक़्त चुरा कर अपने शौक़ पूरे करने की कोशिश करता हूँ। क़ाफी तर्कसंगत और उन्मुक्त विचारवादी हूँ। अक्सर ज़िन्दग़ी की छोटी छोटी ची़ज़ों में उलझा हुआ पाया जाता हूँ। या यों कहिये कि अब भी उनमें आनंद उठाने की क्षमता खोई नहीं है मैंने। आज तक भी बहुत कम मह्त्वाकांक्षी पर पक्का धुनी और उमंगी। रात और दिन का फर्क़ ना जानने वला। अत्यधिक जिज्ञासु- मेरे दोस्तों को भी सवाल पूछ पूछ कर झिला देता हूँ :)। मैं ये मानता हूँ कि भूखे पेट चाँद भी रोटी ही नज़र आता है, इसलिये बस यह चाहता हूँ कि दुनिया के तमाम चिट्ठाकारों के पेट (मेरा मिलाके) भरे रहें जिससे हमें अच्छा अच्छा पढ़ने को मिलता रहे।

Sunday, April 16, 2006

श्री गणेशाय नमः

आज तीन दिनों के इंटरनेट छानने के उपरांत लगा कि अब तो खुदका चिट्ठा शुरू करे बिना रहना मुश्किल है। आशा है की मैं अपने पढ़ने वालों को समय समय पर कुछ अच्छा दे पाऊँगा। मात्राऔं की त्रुटियाँ माफ करें, अभी हग पर थोड़ा और अभ्यास करना होगा।

5 Comments:

Blogger Jitendra Chaudhary said...

शुभस्य शीघ्रम! कल करे सो आज कर, आज करे सो अब।
हिन्दी चिट्ठाकारों के परिवार मे आपका हार्दिक स्वागत है, देखिये आपके स्वागत मे बना पेज
http://akshargram.com/sarvagya/index.php/Welcome

अब लगे हाथो, कुछ अपने विचार भी लिख दो, चाहे जिस पर, और कुछ नही तो अपने बारे मे ही पूरा पूरा ब्योरा दे दो।ताकि भाई लोग भी तुमको जान सकें।

3:55 AM EDT  
Blogger अनूप शुक्ला said...

स्वागतम्‌!

4:24 AM EDT  
Blogger अनुनाद सिंह said...

डिप्पी भाई, आपका हिन्दी-चिट्ठाजगत में हार्दिक अभिनन्दन !!

6:26 AM EDT  
Blogger Udan Tashtari said...

स्वागत है.
समीर लाल

7:55 AM EDT  
Blogger संजय बेंगाणी said...

स्वागत करते हैं तुम्हारा.
तुम हो,की-बोर्ड हैं, चिट्ठा हैं और पढने के लिए हम हैं. तो हो जाओ शुरू. कोई परेशानी हो तो हममें से किसी को भी परेशान करने कि पुरी छुट हैं.

9:11 AM EDT  

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